filmymooz

350 POSTS

Exclusive articles:

जब एक ही चरित्र को निभाने में एक नही, दो नहीं , तीन अभिनेत्रियों ने अपना योगदान दिया।

फिल्म "ये वादा रहा" (1982) में जिस प्रकार एक ही चरित्र को निभाने में तीन अभिनेत्रियों का योगदान रहा, वह हिंदी सिनेमा के इतिहास...

ढाबे पर काम करने लगे थे संजय मिश्रा , फिर से फिल्मों में कैसे आये ?

संजय मिश्रा की जीवन कहानी संघर्ष, हौसले और पुनरुत्थान की एक प्रेरणादायक मिसाल है। उनके पिता शंभूनाथ मिश्रा, जो सूचना और प्रसारण मंत्रालय में...

मिस्टर इंडिया के लिए जब श्रीदेवी की मां ने मांग ली मोटी फ़ीस तो क्या हुआ ?

निर्माता बोनी कपूर ने अपना करियर निर्माता निर्देशक शक्ति सामंत के साथ काम करके शुरू किया। अपने पिता के साथ उन्होंने हम पांच और...

राजकपूर ने जब अपना वादा याद रखने के लिए अपने हाथ पर बना दिया सिगरेट का एक निशान।

60 के शुरुआती दशक में एक बार राजकपूर रूस के ताशकंद में एक स्टेज शो के लिए गए। उधर वो अपने साथ गायक महेंद्र...

जब रिकॉर्डिंग के वक्त फूट-फूटकर रोने लगे थे मोहम्मद रफी, नहीं रुक रहे थे आंसू, आपको भी रुला देगा किस्सा

साल 1966 में डायरेक्टर राम माहेश्वरी ने एक फिल्म बनाई, जिसका नाम था 'नील कमल'. फिल्म में वहीदा रहमान, राजकुमार और मनोज कुमार ने...

Breaking

spot_imgspot_img
Facebook Comments Box